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03 Oct 2026
Swahit aur parhit wale-स्वहित और परहित वाले कार्य
<p>हम नीति, राजनीति, कूटनीति, कुटिल नीति, धर्म नीति किसी भी नीति की बात करें, भगवान कृष्ण की लीलाएं , श्रीराम भगवान का आदर्श हमारा पथ प्रदर्शन करेंगी। आवश्यकता है कि हम <br>परहित( दुसरो के लिए ) हेतु कार्य करें। स्वहित(खुद के लिए ) में किया गया कार्य अंत में अपना ही अहित करता है, और परहित में किया गया कार्य अंत में स्वहितकारी बन जाता है। हम सदैव समाज व राष्ट्र हित के लिए समर्पण भाव से काम करें।</p>
<p><br>जय जय श्रीराम <br>जय जय श्रीराधे </p>