तुम घुसपैठिया भिखमंगे हो, मैं छत्तीसगढ़िया मुक्तियार प्रिये।।तुम कटोरा लेकर आते हो,मैं कोठी भर भर धान प्रिये।।तुम औलादें अपराधी का,…