​kya khoob likha hai kisine – क्या खूब लिखा है किसी ने प्यास लगी थी गजब की

<p>&ZeroWidthSpace;kya khoob likha hai kisine<br &sol;>&NewLine;प्यास लगी थी गजब की&&num;8230&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>मगर पानी मे जहर था&&num;8230&semi;<br &sol;>&NewLine;पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते&period;<&sol;p>&NewLine;<p>बस यही दो मसले&comma; जिंदगीभर ना हल हुए&excl;&excl;&excl;<&sol;p>&NewLine;<p>ना नींद पूरी हुई&comma; ना ख्वाब मुकम्मल हुए&excl;&excl;&excl;<br &sol;>&NewLine;वक़्त ने कहा&&num;8230&semi;&period;&period;काश थोड़ा और सब्र होता&excl;&excl;&excl;<&sol;p>&NewLine;<p>सब्र ने कहा&&num;8230&semi;&period;काश थोड़ा और वक़्त होता&excl;&excl;&excl;<br &sol;>&NewLine;सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब&&num;8230&semi;।।&nbsp&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।<br &sol;>&NewLine;&&num;8220&semi;हुनर&&num;8221&semi; सड़कों पर तमाशा करता है और &&num;8220&semi;किस्मत&&num;8221&semi; महलों में राज करती है&excl;&excl;<br &sol;>&NewLine;&&num;8220&semi;शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी&comma;&nbsp&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>पर चुप इसलिये हु कि&comma; जो दिया तूने&comma;<&sol;p>&NewLine;<p>&nbsp&semi;वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता&&num;8221&semi;&period;&period;<&sol;p>&NewLine;<p>अजीब सौदागर है ये वक़्त भी&excl;&excl;&excl;&excl;<&sol;p>&NewLine;<p>जवानी का लालच दे के बचपन ले गया&&num;8230&semi;&period;<&sol;p>&NewLine;<p>अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा&period; &&num;8230&semi;&&num;8230&semi;<br &sol;>&NewLine;लौट आता हूँ वापस घर की तरफ&&num;8230&semi; हर रोज़ थका-हारा&comma;<&sol;p>&NewLine;<p>आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ।<&sol;p>&NewLine;<p>&OpenCurlyDoubleQuote;थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी<&sol;p>&NewLine;<p>मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे&&num;8230&semi;&excl;&excl;”<&sol;p>&NewLine;<p>भरी जेब ने &&num;8216&semi; दुनिया &&num;8216&semi; की पहेचान करवाई और खाली जेब ने &&num;8216&semi; अपनो &&num;8216&semi; की&period;<br &sol;>&NewLine;जब लगे पैसा कमाने&comma; तो समझ आया&comma;<&sol;p>&NewLine;<p>शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे&comma;<&sol;p>&NewLine;<p>अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है। &&num;8230&semi;&excl;&excl;&excl;<br &sol;>&NewLine;हंसने की इच्छा ना हो&&num;8230&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>तो भी हसना पड़ता है&&num;8230&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>&period;<&sol;p>&NewLine;<p>कोई जब पूछे कैसे हो&&num;8230&semi;&quest;&quest;<&sol;p>&NewLine;<p>तो मजे में हूँ कहना पड़ता है&&num;8230&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>&period;<br &sol;>&NewLine;ये ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तों&&num;8230&semi;&period;<&sol;p>&NewLine;<p>यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है&period;<br &sol;>&NewLine;&&num;8220&semi;माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती&&num;8230&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>यहाँ आदमी आदमी से जलता है&&num;8230&semi;&excl;&excl;&&num;8221&semi;<br &sol;>&NewLine;दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट&comma;<&sol;p>&NewLine;<p>ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं&comma;<br &sol;>&NewLine;पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा<&sol;p>&NewLine;<p>कि जीवन में मंगल है या नहीं।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;