Aise hamare kisan kanhaiyaa-ऐसे हमारे किसन कन्हैया

&NewLine;<p>आईये सुनते हैं कृष्ण की लीला&comma; देवकी-यशोदा जिनकी मैया&comma; वैसे तो कृष्ण को लोगो ने माखन चोर नन्द किशोर का नाम दिया है &comma; क्यों कि वे बहुत नटखट थे &comma; अपने मित्रो के साथ माखन चुरा कर खा जाते थे &comma; यशोदा मैय्या के पूछने पर कृष्ण बोलते &&num;8211&semi; मैया मैं नहीं माखन खायो &&num;8230&semi;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;&NewLine;&NewLine;<p>माखन चोर नन्द किशोर &comma; बांधी जिसने प्रीत की डोर &comma; हरे कृष्ण हरे मुरारी&comma; पूजती जिन्हें दुनिया सारी&comma; आओ उनके गुण गाएं सब मिल के जन्माष्टमी मनाये&period; गोकुल में जो करे निवास&comma; गोपियों संग जो रचाये रास&comma; देवकी-यशोदा जिनकी मैया&comma; ऐसे हमारे किसन कन्हैया।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;