Bharosa khud par rakho toh-भरोसा खुद पर रखो तो

<p>भरोसा खुद पर रखो तो<br &sol;>&NewLine;ताकत बन जाती है<br &sol;>&NewLine;और<br &sol;>&NewLine;दुसरो पर रखो तो कमजोरी<br &sol;>&NewLine;बन जाती है ।।<br &sol;>&NewLine;जिंदगी में दो चीज़े<br &sol;>&NewLine;कभी मत कीजिये<br &sol;>&NewLine;झूठे आदमी के साथ प्रेम<br &sol;>&NewLine;और<br &sol;>&NewLine;सच्चे आदमी के साथ गेम।।<br &sol;>&NewLine;दीपक बोलता नहीं उसका<br &sol;>&NewLine;प्रकाश परिचय देता है<br &sol;>&NewLine;ठीक उसी प्रकार<br &sol;>&NewLine;आप अपने बारे में कुछ न। बोले&comma;<br &sol;>&NewLine;अच्छे कर्म करते रहे<br &sol;>&NewLine;वही आप के परिचय देंग<&sol;p>&NewLine;<p>GOOD MORNING<&sol;p>&NewLine;&NewLine;