Ek bas me daai santre chil-इक बस में दाई संतरा छील

<p>इक बस में दाई संतरा छील रही थी &excl;<br &sol;>&NewLine;और छिलका बस में डाल रही थी&excl;<&sol;p>&NewLine;<p>कंडकटर बोला &&num;8211&semi; दाई छिलका बस में न फेको गंदगी होती है&excl;<br &sol;>&NewLine;दाई बोली- का केहे रे कंढेक्टर। फोकला ला बस मे झन फेंक। अउ मोदी किथे बाहिर मे झन फेंको।<br &sol;>&NewLine;तुमन संतरा नइ खान दुहु का रोगहा हो।<br &sol;>&NewLine;बने दिन आ गे। अब तो फोकला ला घलो खाए बर परही तइसे लगथे।<&sol;p>&NewLine;&NewLine;