Niyat aur dikhawa ek vyakti -नियत और दिखावा एक व्यक्ति

<p>नियत और दिखावा<br &sol;>&NewLine;एक व्यक्ति मंदिर जा रहा था अपने 5 साल के पुत्र के साथ&&num;8230&semi;&period;आरती का समय हो गया था&&num;8230&semi;&period;उस व्यक्ति ने देखा कि मैं जब आरती गा रहा हूँ तो मेरा पुत्र भी कुछ गुनगुना रहा है&&num;8230&semi;<br &sol;>&NewLine;बाहर आकर उसने पुत्र से पूछा कि तुम्हें तो आरती आती नहीं &&num;8230&semi;&period;तुम क्या गा रहे थे&quest;<br &sol;>&NewLine;पुत्र ने बहुत सुंदर जवाब दिया&&num;8230&semi;<br &sol;>&NewLine;&&num;8221&semi; मैने तो क ख ग घ पूरा सुना दिया भगवान जी को और कहा कि इन शब्दों से अपने आप प्रार्थना बना लो&period;&period;&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>दुनिया दिखावा देखती है नीयत नहीं<br &sol;>&NewLine;भगवान नीयत देखते हैं दिखावा नहीं&&num;8221&semi;<&sol;p>&NewLine;<p>&excl;&excl;जयश्री कृष्णा&excl;&excl;<&sol;p>&NewLine;&NewLine;