Sistachaar keht hai ki-शिष्टाचार कहता है कि किसी स्त्री

शिष्टाचार कहता है….

कि,
किसी स्त्री से उसकी आयु,
और
किसी पुरूष से उसकी आय
नहीं पूछनी चाहिये,

इसके पीछे शायद एक खूबसूरत बात छिपी हुई है…

कि,

कोई भी स्त्री अपने लिये नहीं जीती,

और

कोई भी पुरूष अपने लिये नहीं कमाता…

Ek doctor shayari ke mood me-एक डॉक्टर शायरी के मूड में था

एक डॉक्टर शायरी के मूड में था,
अब देखिये उसने दवाईयां कैसे
समझाया अपने मरीज को।

दिल बहला के मोहब्बत को न धमाल करें,
सीरप को अच्छी तरह हिला के इस्तेमाल करें।

दिल मेरा टुट गया उठी जब उसकी डोली,
सुबह, दोपहर, शाम बस एक – एक गोली।

लौट आओ कि मोहब्बत का सुरूर चखे,
तमाम दवाईयां बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

दिल मेरा इश्क करने पर रजामंद रहेगा,
इतवार के दिन अस्पताल बंद रहेगा।

Aadiwasi chetra me ek teacher ki niyukti-आदिवासी क्षेत्र में एक टीचर

आदिवासी क्षेत्र में एक टीचर
की नियुक्ति हुई ……………..

कक्षा में पहले दिन डरते डरते
ही गया बेचारा ……………..

फिर बच्चों से एक प्रश्न पूछा और उत्तर सुनकर कोमा में चला गया

टीचर ने पूछा था ,” बच्चों , तुम्हारा पहलेवाला टीचर कैसा था ?”

बच्चे : वाह , बहुत स्वादिष्ट था

……झिंगालाला …..हुर्र हुर्र
….. झिंगालाला …..हुर्र हुर

Sanskrit ki class me teacher ne pucha -संस्कृत की क्लास मे गुरूजी ने पूछा

संस्कृत की क्लास मे गुरूजी ने पूछा = पप्पू इस श्लोक का अर्थ बताओ.
संस्कृत की क्लास मे गुरूजी ने पूछा = पप्पू इस श्लोक का अर्थ बताओ.

“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन”.

पप्पू = राधिका शायद रस्ते मे  फल बेचने का काम कर रही है.

गुरूजी = मूर्ख, ये अर्थ नही होता है. चल इसका अर्थ बता:-

“बहुनि मे व्यतीतानि, जन्मानि तव चार्जुन.”

पप्पू = मेरी बहू के कई बच्चे पैदा हो चुके हैं, सभी का जन्म चार जून को हुआ है.

गुरूजी = अरे गधे, संस्कृत पढता है कि घास चरता है. अब इसका अर्थ बता:-

“दक्षिणे लक्ष्मणोयस्य वामे तू जनकात्मजा.”

पप्पू = दक्षिण मे खडे होकर लक्ष्मण बोला जनक आजकल तो तू बहुत मजे मे है.

गुरूजी = अरे पागल, तुझे १ भी श्लोक का अर्थ नही मालूम है क्या ?

पप्पू = मालूम है ना.

गूरूजी = तो आखरी बार पूछता हूँ इस श्लोक का सही सही अर्थ बताना.-

हे पार्थ त्वया चापि मम चापि…….! क्या अर्थ है जल्दी से बता.

पप्पू = महाभारत के युद्ध मे श्रीकृष्ण भगवान अर्जुन से कह रहे हैं कि……..

गुरूजी उत्साहित होकर बीच मे ही कहते हैं = हाँ, शाबास, बता क्या कहा श्रीकृष्ण ने अर्जुन से……..?

पप्पू =

भगवान बोले = अर्जुन तू भी चाय पी ले, मैं भी चाय पी लेता हूँ. फिर युद्ध करेंगे.

गुरूजी बेहोश………….1 घंटे मे आया होश।

Padosi mata ji aap baar baar ghar-पड़ोसी- माताजी, आप बार-बार घर के अंदर

पड़ोसी- माताजी,
आप बार-बार घर के अंदर-बाहर क्यों आ-जा रही हैं? कोई प्रॉब्लम है क्या?………

बूढ़ी औरत- नहीं बेटा, मेरी बहू टीवी देखकर योगा कर रही है।………
उसमें बाबाजी कह रहे हैं कि सास को बाहर करो…सास को अंदर करो… .

Bachpan me mai dada hokar-बचपन में मैं बड़ा होक

बचपन में……..
मैं बड़ा होके doctor बनूंगा
तो कोई piolet बनूंगा ।
कोई engineer बनूंगा।।।
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बड़े होने के बाद……
भाई वो चपरासी के फॉर्म भरने का last date कब तक है?

Pati sabji me namak nai hai-पति- सब्जी में नमक नहीं है

पति- “सब्जी में नमक नहीं है !”

पत्नी – “वो क्या है न सब्जी थोड़ी जल गईं थी….”

पति – “तो सब्जी में नमक क्यो नहीं डाली?”

पत्नी – “हम लोग संस्कारी परिवार से हैं  ‘जले में नमक’ नहीं छिडकते।”

Papa aapka surname toh- पापा अपना सरनेम तो

बंटी : पापा अपना सरनेम
तो वाघ है तो भी आप
मम्मी  से इतना क्यों 
डरते हो ??

पापा : बेटा तेरी मम्मी   के
मायके का सरनेम
वाघमारे हैं …..
Ye le.