Bharosa jitna kimti hota hai – भरोसा जितना कीमती होता है

*”भरोसा*  जितना कीमती होता है…!  
*धोखा*  उतना ही महंगा हो जाता है…!!

*फूल* कितना भी सुन्दर हो 

तारीफ *खुशबू* से होती हे

*इंसान*  कितना भी बड़ा हो 

 कद्र उसके *गुणों* से होती है”|