Ek bas me daai santre chil-इक बस में दाई संतरा छील

इक बस में दाई संतरा छील रही थी !
और छिलका बस में डाल रही थी!

कंडकटर बोला – दाई छिलका बस में न फेको गंदगी होती है!
दाई बोली- का केहे रे कंढेक्टर। फोकला ला बस मे झन फेंक। अउ मोदी किथे बाहिर मे झन फेंको।
तुमन संतरा नइ खान दुहु का रोगहा हो।
बने दिन आ गे। अब तो फोकला ला घलो खाए बर परही तइसे लगथे।