Ek garden me shaddi ka khana- एक गार्डन में शादी का खाना

एक गार्डन में शादी का खाना चल रहा था…..

तीन भूख काले कुत्ते, खाने की जुगाड़ में,
दूर खडे योजना बना रहे थे !
किंतु पुराने अनुभवों के कारण… तीनों डरे हुये थे

बड़ी देर सोच विचार के बाद एक ने हिम्मत दिखाई…

पिछवाड़े के गेट से घुस गया..अन्दर..!

हलवाई ने देखा..
फिर क्या था..
डंडा उठा के लगे-लगे…

पिट-पिटा के जब वो बापस पंहुचा..तो !

दोनों ने पूछा : खा आये..?

(सोचा सच बोलूगा तो बड़ी बेज्जती हो जायेगी )
No.1 कुत्ता : हाँ भाई खा आया,बड़े भले लोग हैं…वो खुद ही खिला रहे हैं…..”क्या दाम से खिलाया है !!!

सुन कर No. 2 में भी हिम्मत आ गई..,
भागा टेंट की तरफ…निर्भीक घुस गया अंदर…

हलवाई ने देखा.. साला इतने डंडे खाने के बाद भी फिर आ गया (सेम कलर होने के कारण..हलवाई कनफ्यूज)
हलवाई ने खौलते पानी से जग भरा…और

बाहर No.3 ने पूछा : तुम भी खा आये…?

No. 2 : कुछ मत पूछो भाई….! गर्मा-गरम दे रहे हैं !

No. 3 तो लार टपकता, स्पीड में भागा…और घुस गया..

हलवाई ने देखा.. साला इतने डंडे खाने के बाद, खौलते  पानी से नहाने के बाद भी, फिर आ गया (सेम कलर होने के कारण..हलवाई कनफ्यूज)

हलवाई बोला : गेट लगा दो, घेर लो चारो तरफ से….
और…. लगे-लगे…

जैसे-तैसे जान बचा के बेहाल पंहुचा ।
दोनों ने पूछा : खा आये..?

No.3 कुत्ता : हाँ भाई खा आया, बड़े भले लोग हैं…तबियत से खिलाया….! अरे वो तो आने ही नहीं दे रहे थे..!!