Niyat aur dikhawa ek vyakti -नियत और दिखावा एक व्यक्ति

नियत और दिखावा
एक व्यक्ति मंदिर जा रहा था अपने 5 साल के पुत्र के साथ….आरती का समय हो गया था….उस व्यक्ति ने देखा कि मैं जब आरती गा रहा हूँ तो मेरा पुत्र भी कुछ गुनगुना रहा है…
बाहर आकर उसने पुत्र से पूछा कि तुम्हें तो आरती आती नहीं ….तुम क्या गा रहे थे?
पुत्र ने बहुत सुंदर जवाब दिया…
” मैने तो क ख ग घ पूरा सुना दिया भगवान जी को और कहा कि इन शब्दों से अपने आप प्रार्थना बना लो..”

दुनिया दिखावा देखती है नीयत नहीं
भगवान नीयत देखते हैं दिखावा नहीं”

!!जयश्री कृष्णा!!