Rishton se badhkar kuch nahi – रिश्तों से बढकर कुछ भी नही
सपने वो होते हें
जो सोने नही देते
और अपने वो होते है
जो रोने नही देते !
प्यार इंसान से करो
उसकी आदत से नही
रुठो उनकी बातो से
मगर उनसे नही…
भुलो उनकी गलतीया
पर उन्हें नही
क्योकि
रिश्तों से बढकर कुछ भी नही !