Kadam aisa chalo ki nishaan- कदम ऐसा चलो कि निशान
“कदम ऐसा चलो,
कि निशान बन जाये।
काम ऐसा करो,
कि पहचान बन जाये।
यहाँ जिन्दगी तो,
सभी जी लेते हैं,
मगर जिन्दगी जीओ तो ऐसी,
कि सबके लिए मिसाल बन जाये”|
“कदम ऐसा चलो,
कि निशान बन जाये।
काम ऐसा करो,
कि पहचान बन जाये।
यहाँ जिन्दगी तो,
सभी जी लेते हैं,
मगर जिन्दगी जीओ तो ऐसी,
कि सबके लिए मिसाल बन जाये”|
“सफलता कभी भी ” पक्की “नहीं होती , तथा
असफलता कभी भी ” अंतिम ” नहीं होती | इस
लिए अपनी कोशिश को तब तक जारी रखो ,
जब तक आपकी जीत एक इतिहास ना बन जाए|
मैंने माँ से कहा…….तेरे लिए मेरी क्या
क़ीमत है।
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माँ बोली …….बेटा तू लाखो मे नहीं, करोड़ो
मे है।
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मै बोला माँ से …..करोड़ मे से 200 रु दे दे, नेट पैक
डलवाऊंगा…..
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दे थप्पड़…….दे थप्पड़ …..दे थप्पड़।
बडो से बात करने का तरीका आपकी “तमीज” बताता है .
और छोटों से बात करने का तरीका आपकी “परवरिश “.
अपने शब्दों में ताकत डालें आवाज में नहीं क्यूंकि बारिश से फूल उगते हैं,तूफ़ान से नहीं।