Ek navvivahit joda bartan ki dukan –  एक नवविवाहित जोड़ा बर्तन की दुकान 

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एक नवविवाहित जोड़ा बर्तन की दुकान में झगड़ रहा था।
पत्नी-” ये वाला स्टील का गिलास लो”।
पति-“नहीं, ज़रा और बड़ा गिलास लेंगे” !
दुकानदार-“साहब जी, महिला दिवस भले ही चला गया है,लेकिन मैडम जो कह रही हैं, वही गिलास ले लीजिए ना”..!!!
पति -“अरे भैया तुम्हें बेचने की पड़ी है लेकिन इस छोटे से गिलास में मेरा हाथ घुसता नहीं है, मैं इसे माँजूगा कैसे ???”- 

Mobile ke jamana hey – मोबाईल के जमाना हे

​Chhattisgarhiya Jamana
मोबाईल के जमाना हे, 

चलत हे भारी नेट! 

एकर चक्कर मा भात घलो, 

नइ खवावय भर पेट! 

आठोकाल बारो महीना, 

आषाण सावन जेठ! 

उठत बईठत रेंगत दउड़त, 

घंसत घंसत कोलगेट! 

नई छोड़न मोबाइल ला, 

भले डिपटी मा हो जय लेट! 

सब झन लगे हे मोबाईल मा, 

गरीब होवय चाहे सेठ! 

डोकरा बबा घलो हाथ उठाके, 

खोजथे मोबाईल मा नेट! 

कभू चढंहत हे अटरिया ता, 

कभू चढ़हत हे गेट! 

एकर चक्कर मा ले बर पडगे, 

मँहगा वाला हेंडसेट! 

जय हो तोर नेट! 

जय हो तोर नेट! 

जय हो तोर नेट!