Karwa chuth par vishesh offers – करवा चौथ पर विशेष ऑफर
करवा चौथ पर विशेष ऑफर
करवा चौथ का व्रत रखने वाली
सभी महिलाओ को गोल-गप्पे बिलकुल मुफ्त !
शर्ते लागू:
ऑफर केवल चन्द्रमा के निकलने से पहले तक????????
करवा चौथ पर विशेष ऑफर
करवा चौथ का व्रत रखने वाली
सभी महिलाओ को गोल-गप्पे बिलकुल मुफ्त !
शर्ते लागू:
ऑफर केवल चन्द्रमा के निकलने से पहले तक????????
बीवियाँ पूरी दुनिया का दुखड़ा रोयेंगीं..
पति पूछ पूछ के मर जायेगा लेकिन,
वो अंत तक बस एक ही बात बोलेंगी,
तुम नहीं समझोगे |
और अगर पति ने पूछना बंद कर दिया तो,
तुम समझना ही नहीं चाहते…..
सेठ(नोकर से)- जरा देखना तो कितना टाइम हो रहा है…?
नौकर – मुझे टाइम देखना नही आता…
सेठ – अच्छा कोई बात नही…
यह देखकर बताओ कि बड़ी सूई कहा है और छोटी सूई कहाँ है?
नौकर – दोनो सूइयां घड़ी में हैं…
kya khoob likha hai kisine
प्यास लगी थी गजब की…
मगर पानी मे जहर था…
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.
बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
वक़्त ने कहा…..काश थोड़ा और सब्र होता!!!
सब्र ने कहा….काश थोड़ा और वक़्त होता!!!
सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब…।।
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
“हुनर” सड़कों पर तमाशा करता है और “किस्मत” महलों में राज करती है!!
“शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता”..
अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!
जवानी का लालच दे के बचपन ले गया….
अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ……
लौट आता हूँ वापस घर की तरफ… हर रोज़ थका-हारा,
आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ।
“थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी
मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे…!!”
भरी जेब ने ‘ दुनिया ‘ की पहेचान करवाई और खाली जेब ने ‘ अपनो ‘ की.
जब लगे पैसा कमाने, तो समझ आया,
शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे,
अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है। …!!!
हंसने की इच्छा ना हो…
तो भी हसना पड़ता है…
.
कोई जब पूछे कैसे हो…??
तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…
.
ये ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तों….
यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है.
“माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती…
यहाँ आदमी आदमी से जलता है…!!”
दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट,
ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं,
पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा
कि जीवन में मंगल है या नहीं।
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एक नवविवाहित जोड़ा बर्तन की दुकान में झगड़ रहा था।
पत्नी-” ये वाला स्टील का गिलास लो”।
पति-“नहीं, ज़रा और बड़ा गिलास लेंगे” !
दुकानदार-“साहब जी, महिला दिवस भले ही चला गया है,लेकिन मैडम जो कह रही हैं, वही गिलास ले लीजिए ना”..!!!
पति -“अरे भैया तुम्हें बेचने की पड़ी है लेकिन इस छोटे से गिलास में मेरा हाथ घुसता नहीं है, मैं इसे माँजूगा कैसे ???”-
Chhattisgarhiya Jamana
मोबाईल के जमाना हे,
चलत हे भारी नेट!
एकर चक्कर मा भात घलो,
नइ खवावय भर पेट!
आठोकाल बारो महीना,
आषाण सावन जेठ!
उठत बईठत रेंगत दउड़त,
घंसत घंसत कोलगेट!
नई छोड़न मोबाइल ला,
भले डिपटी मा हो जय लेट!
सब झन लगे हे मोबाईल मा,
गरीब होवय चाहे सेठ!
डोकरा बबा घलो हाथ उठाके,
खोजथे मोबाईल मा नेट!
कभू चढंहत हे अटरिया ता,
कभू चढ़हत हे गेट!
एकर चक्कर मा ले बर पडगे,
मँहगा वाला हेंडसेट!
जय हो तोर नेट!
जय हो तोर नेट!
जय हो तोर नेट!
मास्टर जी एक होटल में ख़ाली कटोरी में रोटी डुबो-डुबो कर खा रहे थे।
वेटर ने पूछा:
मास्टरजी ख़ाली कटोरी में कैसे खा रहे हैं?
मास्टर जी:
भइया, हम गणित के अध्यापक हैं।
दाल हमने ‘मान ली’ है।
Boy – लडकियां ससुराल जाते समय.. रोती क्यों है ?
Girl – अगर तुझे कोई..
घर से दूर.. ले जाके
झाडू पौंछा कराये , झूठे बर्तन साफ कराये ,
तो.. तु क्या नाचेगा ??
गुस्सा तो तब आता है
जब बारात की गाड़ी में पहले सीट रोक कर बेठो
.
और जब गाड़ी चलने लगे तब घर वाले बोले फूफाजी को बैठ जाने दे और तू खड़ा हो जा…
भिखारी – साहब एक रुपये दे दो..
.
साहब – कल आना कल
.
भिखारी – साला इस कल-कल के चक्कर में इस कॉलोनी मेरे लाखों रुपये फंसे हुए हैं!!! –