रात के 11 बजे अकेला घर

मैं रात के 11 बजे अकेला घर जा रहा था।

रास्ते में बहुत अन्धेरा था और कुत्ते भौंक रहे थे।

सभी घरों के दरवाजे, लाईट बन्द थे और मैं पैदल चल रहा था।

*मैं बहुत डरा हुआ था।*

तभी मुझे एक उपाय सूझा।

मैने तेज आवाज लगाई

*प्याज 10 रुपये किलो*

सब घरों की लाईट जल गई और लोग प्याज वाले को देखने बाहर निकल आए।

और मै आराम से अपने घर पहुंच गया।

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Raaste Ki Parvah Mat Kijiye

अगर रास्ता खूबसूरत है तो,
पता कीजिये
किस मंजिल की तरफ जाता है !
लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो,
कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !!
मेहनत का फल और
समस्या का हल
देर से ही सही मिलता जरूर है..✍????

Zindgi aise na jiyo -जिंदगी ऐसी ना जियो

जिंदगी ऐसी ना जियो की लोग ‘फ़रियाद’ करे
बल्कि ऐसी जियो की लोग ‘फिर-याद’ करें.

आपको नवरात्र पर्व की हार्दिक शुभकामनाये

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Team SabHindiWale.com

Ek mahila jio customer care- एक महिला  jio कस्टमर केयर 

एक महिला ने jio के कस्टमर केयर पे फोन करके गुस्साते हुए कहा !

कि पिछले तीन घंटे से आपकी कम्पनी का इंटरनेट नहीं चल रहा है बताइये मैं क्या करूँ..??

दिल को छू जाये कुछ ऐसा जवाब दिया कस्टमर केयर वाले ने,

“बहनजी तब तक कुछ घर के काम ही कर लो. बच्चे दुआएं देंगे”

Bharosa jitna kimti hota hai – भरोसा जितना कीमती होता है

*”भरोसा*  जितना कीमती होता है…!  
*धोखा*  उतना ही महंगा हो जाता है…!!

*फूल* कितना भी सुन्दर हो 

तारीफ *खुशबू* से होती हे

*इंसान*  कितना भी बड़ा हो 

 कद्र उसके *गुणों* से होती है”|

Holi mein jal jaye aapke saare gum-होली में जल जाएं आपके सारे गम

????होली में जल जाएं ,आपके सारे गम,????

????जीवन में भर जाएं ,खुशियों के रंग।????

जीत जाएं आप, दुनिया की हर जंग,

हर मोड़ पर सफलता ,रहे आपके संग।

????आपको व आपके परिवारजनों को होली की  हार्दिक शुभकामनाएं????

​kya khoob likha hai kisine – क्या खूब लिखा है किसी ने प्यास लगी थी गजब की

​kya khoob likha hai kisine
प्यास लगी थी गजब की…

मगर पानी मे जहर था…
पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते.

बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!

ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!
वक़्त ने कहा…..काश थोड़ा और सब्र होता!!!

सब्र ने कहा….काश थोड़ा और वक़्त होता!!!
सुबह सुबह उठना पड़ता है कमाने के लिए साहेब…।। 

आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर।।
“हुनर” सड़कों पर तमाशा करता है और “किस्मत” महलों में राज करती है!!
“शिकायते तो बहुत है तुझसे ऐ जिन्दगी, 

पर चुप इसलिये हु कि, जो दिया तूने,

 वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता”..

अजीब सौदागर है ये वक़्त भी!!!!

जवानी का लालच दे के बचपन ले गया….

अब अमीरी का लालच दे के जवानी ले जाएगा. ……
लौट आता हूँ वापस घर की तरफ… हर रोज़ थका-हारा,

आज तक समझ नहीं आया की जीने के लिए काम करता हूँ या काम करने के लिए जीता हूँ।

“थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ जिन्दगी

मुनासिब होगा मेरा हिसाब कर दे…!!”

भरी जेब ने ‘ दुनिया ‘ की पहेचान करवाई और खाली जेब ने ‘ अपनो ‘ की.
जब लगे पैसा कमाने, तो समझ आया,

शौक तो मां-बाप के पैसों से पुरे होते थे,

अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें पुरी होती है। …!!!
हंसने की इच्छा ना हो…

तो भी हसना पड़ता है…

.

कोई जब पूछे कैसे हो…??

तो मजे में हूँ कहना पड़ता है…

.
ये ज़िन्दगी का रंगमंच है दोस्तों….

यहाँ हर एक को नाटक करना पड़ता है.
“माचिस की ज़रूरत यहाँ नहीं पड़ती…

यहाँ आदमी आदमी से जलता है…!!”
दुनिया के बड़े से बड़े साइंटिस्ट,

ये ढूँढ रहे है की मंगल ग्रह पर जीवन है या नहीं,
पर आदमी ये नहीं ढूँढ रहा

कि जीवन में मंगल है या नहीं।

Raakhi spacial kavita for all -राखी स्पेशल कविता सबके लिए।

​किसी बहन ने अपने भाई के लिए बहोत ही अच्छा पोस्ट लिखा है….उस बहन को मेरा प्रणाम 
इस राखी पर भैया ,मुझे बस

यही तोहफा देना तुम ,

रखोगे ख्याल माँ-पापा का , बस यही इक

वचन देना तुम ,

बेटी हूं मैं , शायद ससुराल से रोज़ न आ

पाऊंगी ,

जब भी पीहर आऊंगी , इक मेहमान बनकर

आऊंगी ,

पर वादा है, ससुराल में संस्कारों से,

पीहर की शोभा बढाऊंगी ,

तुम तो बेटे हो , इस बात को न

भुला देना तुम ,

रखोगे ख्याल माँ -पापा का बस यही वचन

देना तुम ,

मुझे नहीं चाहिये सोना-चांदी , न चाहिये

हीरे-मोती ,

मैं इन सब चीजों से कहां सुःख पाऊंगी

देखूंगी जब माँ-पापा को पीहर में खुश

तो ससुराल में चैन से मैं भी जी पाऊंगी

अनमोल हैं ये रिश्ते , इन्हें यूं ही न

गंवा देना तुम ,

रखोगे ख्याल माँ-पापा का , बस

यही वचन देना तुम ,

वो कभी तुम पर यां भाभी पर

गुस्सा हो जायेंगे ,

कभी चिड़चिड़ाहट में कुछ कह भी जायेंगे ,

न गुस्सा करना , न पलट के कुछ कहना तुम ,

उम्र का तकाजा है, यह

भाभी को भी समझा देना तुम ,

इस राखी पर भैया मुझे बस

यही तोहफा देना तुम ,

रखोगे ख्याल माँ-पापा का , बस

यही वचन देना तुम ।

Paani aakhash se girey toh baarish- पानी आकाश से गिरे तो बारिश

पानी आकाश से गिरे तो……..बारिश,
आकाश की ओर उठे तो……..भाप,
अगर जम कर गिरे तो………..ओले,
अगर गिर कर जमे तो………..बर्फ,
फूल पर हो तो………………..ओस,
फूल से निकले तो…………….इत्र,
जमा हो जाए तो………………झील,
बहने लगे तो………………….नदी,
सीमाओं में रहे तो…………….जीवन,
सीमाएं तोड़ दे तो…………….प्रलय,
आँख से निकले तो…………..आँसू,
शरीर से निकले तो…………..पसीना,
और
प्रभु के चरणों को छू कर निकले तो…………………….चरणामृत

( आज विश्व जल दिवस पर समर्पित )
Save Water????Save Life