Main tumhari shaadi apni marji -. मैं तुम्हारी शादी अपनी मर्जी 

*Baap :* Main tumhari shaadi apni marji se karunga.
*Beta :* No.
*Baap :* Ladki Ambani ki beti hai.
*Beta :* Phir thik hai.
*Baap Ambani ke paas gaya.* 
*Baap :* Mein tumhari beti ko bahu banana chahta hoon.
*Ambani :* No.
*Baap :* Mera beta World Bank ka CEO Hai.
*Ambani :* Phir thik hai.
*Baap World Bank ke President ke paas jaata hai.*  
*Baap :* Mere bete ko Bank ka CEO bana do.
*President :* No.
*Baap :* Woh Ambani ka daamad hai.
*President :* Phir thik hai. 

Yeh hai Modi style…. 
Naukri bhi mili aur chokri bhi ???? 

Hanso mat. Market mein naya aaya hai…

Group Kisi ka bhi ho par dhamaka hamara hi hoga..

Sharma Verma Board par BA MA –  शर्मा  वर्मा बीए एम 

शर्मा – क्यों भाई वर्मा , 2 महीने पहले 
तुम्हारी Nameplate  पर B.A. लिखा था,

             और अभी M.A. लिखा है
        दो साल की डिग्री 2 महीने में कैसे

 

  वर्मा :- 2 महीने पहले मेरी बीवी  मायके  गयी

  तो मैंने Bachelor Again (B.A.)  लिख दिया था

            

अब मायके से वापस आ गयी है 

    तो (M.A)Married Again लिखा है .

Saas bhagwan ne do- do aankhen di – ​सास: भगवान ने दो-दो आंखे दी 

सास: भगवान ने तुम्हें दो-दो आंखे दी हैं, चावल में से दो चार पत्थर नहीं निकाल सकती.
बहु: बहुत फनी, भगवान ने तुम्हें 32 दांत दिए हैं, 2-4 पत्थर नहीं चबा सकती.????????????????????????????

Cg vyangan labra -छ०ग० व्यंग्य – ल ब रा

????छ०ग० व्यंग्य – ल ब रा ????
देख रे आंखी, सुन रे कान

          आ गे हावय, नवा बिहान

नेता के बात ल , झन दे तैं ध्यान

          पप्पू खेलु एक समान |
नोटबंदी के कारण भइया 

         पताल, अब्बड़ फेकावत हे

जियो, सिम ल जबले पाए

         टुरा मन अब्बड़ मेछरावत हे |
रात रात भर नेट चलत हे

       पढ़ाई लिखई ल भुलावत हे

पेल ढपेल के स्कूल भेजेंव

       ता उहां जाके उंघावत हे |
अब्बड़ लबरा मंतरी भैया

         गुरतुर गुरतुर गोठियावत हे

शिक्षा कर्मी मन ल घलो

         लाली पाप धरावत हे  |
लबरा के खाय, तभे पतियाय

        हांना ल सच करत जावत हे

का सोला,का सतरा भैइया

        दिन-बादर बस जावत हे।
कहानी बनगे किसानी हा संगी

             बनिया मन मोटावत हे

एक कोठी धान नई बांचिच

        जम्मे कौड़ी के भाव बेचावत हे।
ओरमे वाला जींस पहिनके

        टुरा मन अब्बड़ matmtawat  हे,

टुरी मन घलो कम नई हे

        सेल्फी बर मुह ला लमावत हे।

Kripya dhyaan de- ​कृपया ध्यान दे

​कृपया ध्यान दे

*होली नजदीक है

*होली के दिन 2000 , 500*के 

नोट में रंग लग गया तो समझो नोट बेकार हो गया क्योकि रंग लगा नोट या पेन से लिखा हुआ नोट बैंक नही लेती है ।

*इस बात पर धयान रखे।

इस massage को सभी ग्रुप में send करे।

Mobile ke jamana hey – मोबाईल के जमाना हे

​Chhattisgarhiya Jamana
मोबाईल के जमाना हे, 

चलत हे भारी नेट! 

एकर चक्कर मा भात घलो, 

नइ खवावय भर पेट! 

आठोकाल बारो महीना, 

आषाण सावन जेठ! 

उठत बईठत रेंगत दउड़त, 

घंसत घंसत कोलगेट! 

नई छोड़न मोबाइल ला, 

भले डिपटी मा हो जय लेट! 

सब झन लगे हे मोबाईल मा, 

गरीब होवय चाहे सेठ! 

डोकरा बबा घलो हाथ उठाके, 

खोजथे मोबाईल मा नेट! 

कभू चढंहत हे अटरिया ता, 

कभू चढ़हत हे गेट! 

एकर चक्कर मा ले बर पडगे, 

मँहगा वाला हेंडसेट! 

जय हो तोर नेट! 

जय हो तोर नेट! 

जय हो तोर नेट!

Result nikla toh ladke ko-रिजल्ट निकला तो लडके को

रिजल्ट निकला तो लडके को
पता चला कि वो फेल हो गया है …
.
.
लडका सारी रात रोया
और डिसाईड किया कि
सुबह होते ही नदी मेँ कूद
कर जान दे देगा …
.
.
सुबह होते ही लडका नदी पर
गया और पुल से नदी मेँ छलाँग
लगा दी
.
.
शाम को हाथ पैरों पर प्लास्टर
बंधा है
और सोच रहा है …
.
.
ये साला छ ग बोर्ड का रिजल्ट
गर्मियों मेँ ही क्यों निकलता है
जब नदी मेँ पानी कम होता है..,!!

Ab helmet lagana padega- अब हेलमेट लगाना ही पड़ही

*****  जै  हो   हेलमेट   ****

अब हेलमेट लगाना ही पड़ही

नही ते पुलीस चलान करही

मुड़ी हा गरु गरू लागथे

गाड़ी अंते तंते भागथे

चाहे जो मजूरी हो

पर हेलमेट तो जरूरी हो

खुस हे एकदम सेठ

बीकथे ओकर सब हेलमेट

भाव ला बड़हावथे

मजबूरी के फायदा उठावथे

रायपूर फोन लगावथे।

पांच ट्रक हेलमेट मगावथे

पूलीस भी पीछे पड़े हे

हेलमेट बर एकदम अड़े हे

हेलमेट मूड़ी मे डालो

नही ते पांच सौ नीकालो

मोबाईल बर जैसे नेट चाहीये

फटफटी मे अब हेलमेट चाहिये

फटफटी चलायके कभू नही छूटे

गीरे मे मूड़ी कभ्भू नई फूटे

सब जागो और सबला जगावव

सब अब हेलमेट ला   लगावव|

Ek bas me daai santre chil-इक बस में दाई संतरा छील

इक बस में दाई संतरा छील रही थी !
और छिलका बस में डाल रही थी!

कंडकटर बोला – दाई छिलका बस में न फेको गंदगी होती है!
दाई बोली- का केहे रे कंढेक्टर। फोकला ला बस मे झन फेंक। अउ मोदी किथे बाहिर मे झन फेंको।
तुमन संतरा नइ खान दुहु का रोगहा हो।
बने दिन आ गे। अब तो फोकला ला घलो खाए बर परही तइसे लगथे।