Kuch hindi film ke geet-कुछ हिंदी फ़िल्मी गीत जो

कुछ हिंदी फ़िल्मी गीत जो कुछ बीमारियों का वर्णन करते हैं:

गीत – जिया जले, जान जले, रात भर धुआं चले
बीमारी – बुखार

गीत – तड़प-तड़प के इस दिल से आह निकलती रही
बीमारी – हार्ट अटैक

गीत – सुहानी रात ढल चुकी है, न जाने तुम कब आओगे
बीमारी – कब्ज़

गीत – बीड़ी जलाई ले जिगर से पिया, जिगर म बड़ी आग है
बीमारी – एसिडिटी

गीत – तुझमे रब दिखता है, यारा मैं क्या करूँ
बीमारी – मोतियाबिंद

गीत – तुझे याद न मेरी आई किसी से अब क्या कहना
बीमारी – यादाश्त कमज़ोर

गीत – मन डोले मेरा तन डोले
बीमारी – चक्कर आना

गीत – टिप-टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई
बीमारी – यूरिन इन्फेक्शन

गीत – जिया धड़क-धड़क जाये
बीमारी – उच्च रक्तचाप

गीत – हाय रे हाय नींद नहीं आये
बीमारी – अनिद्रा

गीत – बताना भी नहीं आता, छुपाना भी नहीं आता
बीमारी – बवासीर

और अंत में

गीत – लगी आज सावन की फिर वो झड़ी है
बीमारी – दस्त

एकदम नया है आगे फेंको

Ladko ko sabse kharab feeling-लड़को को सबसे ख़राब फीलिंग

लड़को को सबसे ख़राब feeling कब
आती है। ।।।
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जब पेट्रोल पंप पर 20 रुपये का पेट्रोल
भरवाने जाए और उसी वक़्त कोई
beautiful लड़की आ जाये
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और वो कमीना पेट्रोल भरने वाला दो तिन
बार पूछे
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भाई कितने का डालू..|

Ek aadmi ki tabiyat kharab-एक आदमी की तबियत खराब

एक आदमी की तबियत खराब होने पर उसने डॉक्टर को दिखाया…

डॉक्टर ने कहा – आप सिर्फ 12 घंटे के मेहमान हो… शायद सवेरा भी नहीं देख पाओगे…!!!???

आदमी नें यह बात बडे दुःख के साथ अपनी पत्नी को बतायी,
और सोचा कि यह आखिरी रात अपनी पत्नी के साथ बड़े प्यार से बितायी जाये…!!!

दोनों बड़ी देर तक प्यार से बातें की ओर साथ में बिताए लम्हों को याद किया…

थोड़ी देर बाद पत्नि को सोते हुए देखकर पति ने पूछा:
तुम सो रही हो…???
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पत्नि: क्या करूं,
तुम्हें तो सुबह उठना नहीं है…

पर मुझे तो उठना पडेगा…!!!

Maine maa se kaha tere liye meri -मैंने माँ से कहा तेरे लिए मेरी क्या

मैंने माँ से कहा…….तेरे लिए मेरी क्या
क़ीमत है।
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माँ बोली …….बेटा तू लाखो मे नहीं, करोड़ो
मे है।
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मै बोला माँ से …..करोड़ मे से 200 रु दे दे, नेट पैक
डलवाऊंगा…..
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दे थप्पड़…….दे थप्पड़ …..दे थप्पड़।

Ek mendhak pede ki choti-एक मेढक पेड़ की चोटी पर चढ़न

एक मेढक पेड़ की चोटी पर चढ़ने का सोचता है और आगे बढ़ता है

बाकी के सारे मेंढक शोर मचाने लगते हैं “ये असंभव है.. आज तक कोई नहीं चढ़ा.. ये असंभव है.. नहीं चढ़ पाओगे”

मगर मेंढक आख़िर पेड़ की चोटी पर पहुँच ही जाता है.. जानते हैं क्यूँ?

क्योंकि वो मेंढक “बहरा” होता है.. और सारे मेंढकों को चिल्लाते देख सोचता है कि सारे उसका उत्साह बढ़ा रहे हैं

इसलिए अगर आपको अपने लक्ष्य पर पहुंचना है तो नकारात्मक लोगों के प्रति “बहरे” हो जाइए ।

Aaj kakcha me teacher ne baccho-आज कक्षा में टीचर ने बच्चों

आज कक्षा में टीचर ने बच्चों से पूछा “दहेज किसे
कहते हैं?”
अद्वितीय जवाब सुनने को मिला..
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“जब कोई लड़का किसी लड़की को जीवन भर
झेलने के लिए तैयार हो जाता हो तो इसके
बदले उसे दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि
को दहेज कहते हैं……

टीचर बेहोश

Cycle chalane me thak jane ke karan-साइकल चलाने मे थक जाने के कारण

Cycle चलाने मे थक जाने के कारण Motor cycle खरीदी

और ज्यादा आराम की वजह से कार ले आये

जब मोटापा बढ गया तो Gym Join कर लिया

तो वहां पर Trainer ने फिर cycle चलाने को दे दी

यही है Life cycle

Patni pati se boli dekho ji-पत्नी पति से बोली देखो जी

पत्नी पति से बोली :
“देखो जी, शिव -पार्वती के फोटो में शिव जी त्रिशूल लिए हुए हैं…

विष्णु -लक्ष्मी के फोटो में विष्णु जी चक्र के साथ हैं…

और सीता- राम को देखिये तो राम जी के हाथ में धनुष है !

सिर्फ राधा -कृष्ण के तस्वीर में बांसुरी बजाते कृष्ण है ।

ऐसा क्यूँ ………?”

पति ने समझाया:- “अरे पगली, इतनी छोटी सी बात नहीं समझती हो..!!

सभी देवता अपनी पत्नियों के साथ है, इसलिए अपने हथियारों के साथ हैं…

और अपने कृष्णजी अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ है तो चैन की बंसी बजा रहे हैं ……!!”

सभी दमपत्तियों को समर्पित.

Shaddi ke baad pehli bar bahu-शादी के बाद पहली बार बहू

शादी के बाद पहली बार बहू रसोई मे गई और रेसिपी बुक में पढ़कर खाना बना रही थी ।

सास बाहर से घर लौटी, फ्रिज खोला, अन्दर देखकर चकराई और पूछा:
“ये मन्दिर का घण्टा फ्रिज में क्यों रखा है ?”

बहू : “किताब में लिखा है, सब चीजों का मिश्रण कर लें और एक घण्टा फ्रिज में रखें ।”

Another graduate from IIN..

Ek garden me shaddi ka khana- एक गार्डन में शादी का खाना

एक गार्डन में शादी का खाना चल रहा था…..

तीन भूख काले कुत्ते, खाने की जुगाड़ में,
दूर खडे योजना बना रहे थे !
किंतु पुराने अनुभवों के कारण… तीनों डरे हुये थे

बड़ी देर सोच विचार के बाद एक ने हिम्मत दिखाई…

पिछवाड़े के गेट से घुस गया..अन्दर..!

हलवाई ने देखा..
फिर क्या था..
डंडा उठा के लगे-लगे…

पिट-पिटा के जब वो बापस पंहुचा..तो !

दोनों ने पूछा : खा आये..?

(सोचा सच बोलूगा तो बड़ी बेज्जती हो जायेगी )
No.1 कुत्ता : हाँ भाई खा आया,बड़े भले लोग हैं…वो खुद ही खिला रहे हैं…..”क्या दाम से खिलाया है !!!

सुन कर No. 2 में भी हिम्मत आ गई..,
भागा टेंट की तरफ…निर्भीक घुस गया अंदर…

हलवाई ने देखा.. साला इतने डंडे खाने के बाद भी फिर आ गया (सेम कलर होने के कारण..हलवाई कनफ्यूज)
हलवाई ने खौलते पानी से जग भरा…और

बाहर No.3 ने पूछा : तुम भी खा आये…?

No. 2 : कुछ मत पूछो भाई….! गर्मा-गरम दे रहे हैं !

No. 3 तो लार टपकता, स्पीड में भागा…और घुस गया..

हलवाई ने देखा.. साला इतने डंडे खाने के बाद, खौलते  पानी से नहाने के बाद भी, फिर आ गया (सेम कलर होने के कारण..हलवाई कनफ्यूज)

हलवाई बोला : गेट लगा दो, घेर लो चारो तरफ से….
और…. लगे-लगे…

जैसे-तैसे जान बचा के बेहाल पंहुचा ।
दोनों ने पूछा : खा आये..?

No.3 कुत्ता : हाँ भाई खा आया, बड़े भले लोग हैं…तबियत से खिलाया….! अरे वो तो आने ही नहीं दे रहे थे..!!