Niyat aur dikhawa ek vyakti -नियत और दिखावा एक व्यक्ति

नियत और दिखावा
एक व्यक्ति मंदिर जा रहा था अपने 5 साल के पुत्र के साथ….आरती का समय हो गया था….उस व्यक्ति ने देखा कि मैं जब आरती गा रहा हूँ तो मेरा पुत्र भी कुछ गुनगुना रहा है…
बाहर आकर उसने पुत्र से पूछा कि तुम्हें तो आरती आती नहीं ….तुम क्या गा रहे थे?
पुत्र ने बहुत सुंदर जवाब दिया…
” मैने तो क ख ग घ पूरा सुना दिया भगवान जी को और कहा कि इन शब्दों से अपने आप प्रार्थना बना लो..”

दुनिया दिखावा देखती है नीयत नहीं
भगवान नीयत देखते हैं दिखावा नहीं”

!!जयश्री कृष्णा!!

Ek lakadhara jangal me ladki – एक लकडहारा जंगल मे लडकी

एक लकडहारा जंगल मे लडकी काट रहा था
कि
तभी
तभी
वहाँ CID आई और उसको पकड लिया

आप सोच रहे होंगे कि उस लकडहारे को क्यों पकड लिया ???

तो भाई , सावन के अंधे तो हो नहीं , फिर भी , ” लड़की ” को लकड़ी पढ़ रहे हो ??
जरा ऊपर जाकर ठीक से पढ़िए क्या लिखा है ?

अब खुद ही हँसते रहोगे या आगे भी हसाओगे…

Unki parwah mat karo jiska – उनकी परवाह मत करो जिनका

उनकी ‘परवाह’ मत करो,
जिनका ‘विश्वास’ “वक्त” के साथ बदल जाये..

‘परवाह’ सदा ‘उनकी’ करो;
जिनका ‘विश्वास’ आप पर “तब भी” रहे’ जब आप का “वक्त बदल” जाये…

Sharaab Daaru pine ka kudrati asar- दारू का कुदरती असर

दारू का कुदरती असर

एक पैग के बाद : सत्य वक्ता,

दो पैग के बाद : अँग्रेजी वक्ता,

तीन के बाद : अधिवक्ता,

चार के बाद : उपदेशक,

पाँच के बाद : शायर,

छः के बाद : शेर,

सात के बाद : ढेर,

Kisi Bhi samshya ke do pehlu-किसी भी शमश्या के दो पहलु…

पिताजी कोई किताब पढने में व्यस्त थे ,
पर
उनका बेटा बार-बार आता और उल्टे-सीधे सवाल
पूछ
कर उन्हें डिस्टर्ब कर देता .
पिता के समझाने और डांटने का भी उस पर कोई
असर
नहीं पड़ता.
तब उन्होंने सोचा कि अगर बच्चे को किसी और
काम में
उलझा दिया जाए तो बात बन सकती है. उन्होंने
पास
ही पड़ी एक पुरानी किताब
उठाई और उसके पन्ने पलटने लगे. तभी उन्हें
विश्व
मानचित्र छपा दिखा , उन्होंने तेजी से वो पेज
फाड़ा और
बच्चे को बुलाया – ” देखो ये वर्ल्ड मैप है ,
अब मैं इसे कई
पार्ट्स में कट कर देता हूँ , तुम्हे इन
टुकड़ों को फिर से जोड़ कर
वर्ल्ड मैप तैयार करना होगा.”
और ऐसा कहते हुए उन्होंने ये काम बेटे को दे
दिया.
बेटा तुरंत मैप बनाने में लग गया और पिता यह
सोच कर खुश होने
लगे की अब वो आराम से दो-तीन घंटे
किताब पढ़ सकेंगे .
लेकिन ये क्या, अभी पांच मिनट
ही बीते थे कि बेटा दौड़ता हुआ आया और
बोला , ” ये देखिये पिताजी मैंने मैप तैयार कर
लिया है .”
पिता ने आश्चर्य से देखा , मैप बिलकुल
सही था, – ”
तुमने इतनी जल्दी मैप कैसे जोड़ दिया , ये
तो बहुत मुश्किल काम था ?”
” कहाँ पापा, ये तो बिलकुल आसान था , आपने
जो पेज दिया था उसके
पिछले हिस्से में एक कार्टून बना था ,
मैंने बस वो कार्टून
कम्प्लीट कर दिया और मैप अपने आप
ही तैयार हो गया.”, और ऐसा कहते हुए
वो बाहर
खेलने के लिए भाग गया और पिताजी सोचते रह
गए .
कई बार life की problems
भी ऐसी ही
होती हैं, सामने से देखने पर
वो बड़ी भारी-भरकम
लगती हैं , मानो उनसे पार पान असंभव
ही हो , लेकिन जब हम उनका दूसरा पहलु देखते
हैं
तो वही problems आसान बन जाती हैं,
इसलिए जब कभी आपके सामने कोई
समस्या आये
तो उसे सिर्फ एक नजरिये से देखने की बजाये
अलग-
अलग दृष्टिकोण से देखिये ,
क्या पता वो बिलकुल आसान बन जाएं !!

Ek sach jise kabhi juklaya nahi ja sakta -एक सच जिसे कभी जुक्लाया नहीं जा सकता..

1 यदि आप फूलों पर सो रहे हैं..
तो ये आपकी पहली रात है l

और यदि फूल आप पर सो रहे
है तो ये आपकी आखिरी रात है .

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2  फूलन देवी डाकू होकर भी
चुनाव जीत गई थी l

और किरन बेदी पुलिस वाली
होकर भी हार गई l

(किस्मत के खेल निराला है मेरे भैया)

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3. मोमबत्ती जलाकर मुर्दों को याद
किया जाता है l

और मोमबत्ती बुझाकर जन्म
दिन मनाया जाता है l

(कैसी विडम्बना है सबकी )

Kya kar rahe ho क्या कर रहे हो

She – क्या कर रहे हो ?
.
Me – मुंगफली खा रहा हूँ
.
She : How अकेले अकेले
.
Me – अब 5 रुपये की मूंगफली में
भंडारा करू क्या?
Result *ब्रेअकुप.

Boss ne ek nihayati khubsurat बॉस ने एक खूबसूरत..

बॉस ने एक चुलबुली, निहायत ही खूबसूरत
सेक्रेटरी को काम पर रखा l

लेकिन 10 दिन बाद ही 27वें माले से कूद कर
बॉस ने आत्महत्या कर ली l

इंस्पेक्टर :-
“कमरे में उस वक़्त कौन मौज़ूद था ?

सेक्रेटरी:-
“जी,…मैं थी l

इंस्पेक्टर :-
“आख़िर हुआ क्या?
उसने ख़ुदकुशी क्यूँ
की?

सेक्रेटरी:-
“वह बहुत अच्छे इंसान थे l एक दिन
उन्होंने मुझे 2 लाख रुपये का ड्रेस
उपहार में दिया l…

फिर एक दिन उन्होंने मुझे
15 लाख की कीमत वाला हीरों का हार
खरीद कर दिया l.. परसों ही वह मेरे लिए 5
लाख की हीरे की अंगूठी ले कर आए थे l…यह
रही मेरी उंगली में l

इंस्पेक्टर :-
“फिर l

सेक्रेटरी:-
“आज उन्होनें मुझे शादी के लिए प्रपोज कियाl

इंस्पेक्टर :-
“तो ?

सेक्रेटरी:-
“तभी मेरे पापा का फोन आया, मैंने कहा :- आप यहाँ होते तो देखते मेरे बाॅस मुझे कितना प्यार करते हैं, आप तो हमेशा बस यही कहते हो, पप्पू बेटा लड़की बनकर मत घूमा कर।
.
.
.
.
.
शिक्षा :- Market में पैसा लगाने से पहले Product की पूरी जानकारी प्राप्त कर लें।

yaatri gan kripyaa dhyaan de – यात्री गण कृपया ध्यान दें …

may I have your attention please

यात्री गण कृपया ध्यान दें ।

गाड़ी संख्या…….

01 01 2016

जो जनवरी से चलकर ….

फरवरी

मार्च

अप्रैल

मई

जून

जुलाई

अगस्त

सितम्बर

अक्टूबर

नवम्बर

के रास्ते…….

दिसम्बर और जनवरी

को जाने वाली……
* नववर्ष पैसेंजर *

अपने निर्धारित समय से 19 दिन की देरी से चल रही है।

ये गाड़ी 01जनवरी 2016 को
12:00:01 बजे प्लेटफार्म नं० 2016 पर आएगी॥
यात्रीयों को हुई असुविधा
के लिए हमें खुशी है…

हैप्पी नई ईयर इन रेलवे स्टाइल
इन एडवांस।